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Showing posts from April, 2024

मटियामेट होती अतिथि देवो भव: की परंपरा"

  मटियामेट होती अतिथि देवो भव: की परंपरा" भारत जहां पर नदियों को माता, पशु के रूप में गाय को भी (गौ माता) के रूप में पूजा जाता है भारत जहां पर धरती को भी मां के रूप में वात्सल्यता का प्रतीक माना जाता है भारत जहां पेड़ पौधों को भी  पूजने की प्रथा है ।भारत जहां पर अतिथियों को भी देवता को रूप में पूजने उनका आदर सत्कार करने की परंपरा रही है। हम विभिन्न वैश्विक मंचों से इस बात को दोहराते भी हैं ~अतिथि देवो भव:, लेकिन वर्तमान के कुछ समय में यह मटियामेट होती जा रही है भारत की संस्कृति जो सर्व समावेशी और बहुलतावाद पर आधारित है जो वसुधैव कुटुंबकम की परिकल्पना को साकार करती है। अभी हाल फिलहाल की ही घटना की बात करूं तो भारत भ्रमण पर आए एक विदेशी पर्यटक दंपति के साथ दुर्व्यवहार किया गया उनकी पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया यह बात हमें इस और सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर हम कथनी और करनी के बीच कहां ठहरे हुए हैं? इस तरह की घटनाएं आए दिनों हमें अखबारों के पन्नों पर टीवी चैनल, सोशल मीडिया एवं अन्य जगहों पर दिख जाते हैं कुछ खबरें ऐसी भी होती है जो हमसे ओझल भी हो जाते हैं एक तरफ जहां हम...

लद्दाख मांगे लोकतंत्र

  लद्दाख मांगे लोकतंत्र लद्दाख यानी ‘ऊंचे दर्रों की भूमि’ पर्वतराज हिमालय के गोद में बसा भारत के उत्तरी भूभाग का अभिन्न हिस्सा जो कि सामरिक ,आर्थिक , पर्यावरणीय एवं साँस्कृतिक दृष्टिकोण से संवेदनशील इलाका भी है, इन दिनों सुर्खियों में है।आमिर खान की थ्री इडियट्स फ़िल्म से सुर्खियों में आए प्रसिद्ध शिक्षक, इंजीनियर एवं वर्तमान में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांग्चुक, लद्दाख की पर्यावरणीय अस्तित्व एवं सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण, संवर्धन एवं लोकतंत्र के मांग हेतु लगातार 21 दिनों के भूख हड़ताल पर हैं (जिसे उन्होंने क्लाइमेट फास्ट के रूप में मान्यता दी है) और जब मैं यह लेख लिख रहा हूँ तो आज उनकी 21 वें दिन की भूख हड़ताल जारी है उनकी मांगों को जानने से पहले हमें जानने की आवश्यकता है की इस भूख हड़ताल के केंद्र में क्या है?लद्दाख जो की प्राचीन काल से ही एक स्वतंत्र राज्य के रूप में कायम रहा है ।इसकी जब जब केंद्रीय सत्ता कमजोर पड़ी है तब तक स्थानीय शासकों ने इस पर नियंत्रण स्थापित किया, आजादी के पहले यह डोगरा रियायत के अंतर्गत आती थी जो महाराजा हरी सिंह जी के वंश द्वारा शासित थी आजादी क...