भाषा के भंवर
सौरभ द्विवेदी के नेतृत्व में 'नेतानगरी' के भाषा विषयक आज इस परिसंवाद/चर्चा-परिचर्चा में भाषाओं के प्रभुत्व एवं हाल फिलहाल की घटना पर जिसमें महाराष्ट्र में किस प्रकार से हिंदी भाषियों को जबरदस्ती मराठी बोलने के लिए उन्हें मारा पीटा गया और किस तरह से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे) ने मराठी मानुष की भावना को भड़काकर हिंसा एवं उपद्रव की घटनाएं की(जो की पूरी तरह गलत है) । इसकी पृष्ठभूमि कुछ इस तरह है महाराष्ट्र सरकार द्वारा त्रिभाषा नीति जिसके तहत हिंदी को को भी तीसरी भाषा के रूप में पढ़ने की बात की गई जिसका शिवसेना एवं मनसे ने विरोध किया और जब बाद में सरकारी इसे वापस ले लेती है तब विजय रैली के रूप में शिवसेना (उद्धव गुट )प्रमुख उद्धव ठाकरे एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुखराज ठाकरे एक मंच पर आए और इसे बृहन मुंबई नगर पालिका के चुनाव को भी इससे जोड़कर देखा गया। इन सब विषयों को लेकर इसके ऐतिहासिक आधार एवं सांस्कृतिक प्रभाव पर आज चर्चा -परिचर्चा सह परिसंवाद(panel discussion) आधारित रही जिसमें देश के विविध भाषाओं एवं संस्कृतियों से जुड़े हुए लोगों ने अपने-अपने विचार रखें जिसमें महार...