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Showing posts from December, 2024

दमघोंटू दिलपुर की दास्तां

 दमघोंटू दिलपुर की दास्तां ( व्यंग्य रचना)  ( नोट-यह रचना सामाजिक एवं पर्यावरणीय संवेदनशील मुद्दे को हंसी व्यंग के रूप में सामने लाता है रचना में प्रयुक्त कथानक काल्पनिक है। किसी भी प्रकार के जीवित एवं मृत्त व्यक्ति , वस्तु, स्थान से मेल होना मात्र संयोग हो सकता है ) “देख रहे हो भाई सुबह से ही सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है” रोहन ने कहा, इस पर रोहन के मित्र मुकेश कहता है हां भाई मेरे तो आंख में भी जलन महसूस हो रही है। बीच में ही दोनों को टोकते हुए रिक्शा चालक कहता है आप लोग नए-नए गांव से आए हैं क्या बाबू दिलपुर में ? हां ! चाचा हम अपने गांव से दिलपुर में इस साल ही पढ़ने के लिए आए हैं लेकिन यहां देख रहे हैं कि सांस लेने में भी दिक्कत हो रहा है और तो और आंख कान लग रहा है आंख कान जल के राख हो जाएगा । तो साथियों देखा आपने दमघोंटू दिलपुर की एक झलक , दिलपुर हां वही अपने देश की राजधानी, जिसे राजनेताओं ने कबड़खानी बना दिया है। हर नेता आता है अपना बात कह कर के चला जाता है ना तो दिलपुर की दशा सुधरती है और ना यहां रहने वाले दिलपुरवासियों की दिशा !रोज वही जाम का दाम और स्याही तमाम ...

भारत की सांस्कृतिक विविधता : एक ताकत या एक चुनौती ?

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हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं , रंग ,रूप , वेश, भाषा चाहे अनेक हैं बेला,गुलाब, जूही ,चंपा ,चमेली  प्यारे प्यारे फूल गूंथे माला में एक हैं । प्रस्तावना : भारत की सांस्कृतिक विविधता किसी भी देश की सांस्कृतिक विविधता उस देश की समुन्नत संस्कृति का वाहक होती है। भारत शब्द अपने आप में एक विशेष विचार का वाचक है । इस शब्द का विश्लेषण करें तो इसमें ‘भा’ और ‘रत’ का मेल दिखाई पड़ता है ‘भा’ अर्थात प्रकाश यानी ज्ञान को प्रकाशवान कहा गया है , की खोज में ‘रत’ अर्थात निरंतर अन्वेषण करता हुआ, निरंतर लगा हुआ ; इसका अभिप्राय हुआ कि निर्मल ज्ञान की खोज में लगा हुआ चिंतनशील देश भारत है और विविधता में भी एकता भारतवर्ष की सबसे बड़ी विशेषता है ।  भारत जिसे प्रकृति का सर्वोत्तम उपहार प्राप्त है , उत्तर में पर्वतराज हिमालय से दक्षिण में भारत मां को चरण पखारती हिंद महासागर, पश्चिम में विशाल थार का मरुस्थल तो पूर्वोत्तर में पर्वत पहाड़ियों से समृद्ध हमारा विराट प्रदेश , उत्तर में जहां विशाल मैदान तो पश्चिमी एवं पूर्वी तट पर समृद्ध तटवर्ती मैदान। वर्ष भर में छह ऋतुओं ए...

नक्सलवाद की समस्या और इसका समाधान ?

#नक्सल#Naxalite#नक्सलवाद#उद्भ्रांत ' नक्सलवाद ' इस शब्द से कौन अनभिज्ञ हो सकता है? यदा- कदा ही हम टीवी,अखबारों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से यह सुनते, देखते एवं पढ़ते हैं कि किस प्रकार से पश्चिम बंगाल, झारखंड ,छत्तीसगढ़, तेलंगाना आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ भागों में किस प्रकार से भारतीय जवानों एवं नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुए,इतने लोग घायल हुए इतने लोगों की जान चली गई इतने सैनिक हमारे शहीद हुए। 70 के दशक में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी जिले से शुरू हुआ यह आंदोलन किस प्रकार से आज भी अखिल भारतीय स्तर पर भारत सरकार एवं भारतीय सैनिकों एवं स्थानीय पुलिस के लिए सर दर्द बना हुआ है ? आखिर क्या कारण है की भारत के कुछ भागों में आज भी कथित जल, जंगल ,जमीन के बैनर तले अपने ही देश के सैनिकों को लोग मार रहे हैं और सेना भी उन लोगों को अपना दुश्मन समझ कर अपना कर्तव्य निभा रही है ।  इसमें कई अबोध एवं  निर्दोष लोग भी किसी-न-किसी प्रकार आज भी पीस रहे हैं और कुछ लोग जो इनकी आड़ में अपना हित साथ रहे हैं , यह किस प्रकार से भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सवालिया निशान के रूप में बना हुआ है ? प्रस्...

"यूं ही नहीं कोई खान "सर" बन जाता है ✨ ‪@khanglobalstudies‬

"यूं ही नहीं कोई खान "सर" बन जाता है ✨  ‪@khanglobalstudies‬   कुकुरमुत्ते की तरह सोशल मीडिया पर बढ़ रहे शिक्षक जो अपनी आदर्शवादी, बकैती भरे फूहड़ बातों से अपार लोकोप्रियता अर्जित कर लेता है, लेकिन जब बात विद्यार्थियों के साथ खड़े रहने की आती है तो न तो ये लोग सरकार एवं आयोग के खिलाफ एक शब्द भी बोल पाते हैं और नहीं इसके प्रति कुछ अपना दायित्व समझते हैं! ऐसे में एक #खान__सर नाम का भी कोई व्यक्ति है है जो अपने हंसी मजाक के अंदाज में जटिल से जटिल बात को सहज, सरल स्पष्ट भाषा में समझा देते हैं!  ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम द्वारा न्यूनतम से न्यूनतम शुल्क में शिक्षा को सुदूर एवं वंचित वर्गों तक पहुंचने वाले खान सर ; जो हंसी मजाक और चुटकुले के अंदाज में विद्यार्थियों को विज्ञान ,अर्थशास्त्र ,अंतरराष्ट्रीय संबंध, तकनीक ,मिसाइल, ड्रोन, राजनीति आदि आदि की जटिल अवधारणाओं को सरलता से स्पष्ट कर देते हैं और न सिर्फ विद्यार्थियों के हित की बात करते हैं अपितु जब बारी आती है तो साथ खड़े भी रहते हैं अभी हाल ही फिलहाल में बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की बात चल रही थी ...

बिहार की पहली महिला IPS मंजरी जारूहार की कहानी : मैडम सर

कहानी ऐतिहासिक विरासत से परिपूर्ण तथा वर्तमान में पिछड़े राज्य का तमगा धारण किये बिहार के प्रथम भारतीय पुलिस सेवा(IPS) महिला अधिकारी की, कहानी उसके जीवन संघर्षों की, कहानी वैवाहिक जीवन में प्रताड़ना का दंश झेल चुकी एक स्त्री की ,कहानी एक मासूम -सी लड़की से अपनी कर्तव्यों के प्रति कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासनप्रिय नियमों और निर्णयों के प्रति सख्त एवं कार्यक्षेत्र में अपने काम के प्रति संवेदनशील महिला पुलिस अधिकारी की ; जो अपने समकक्षों में *मैडम सर* के नाम से पहचान पाती है । कहानी अपने स्थायित्व को पाने के लिए संघर्ष करती हुई महिला पुलिस अधिकारी की जो अपनी क्षमताओं एवं नेतृत्व शक्ति की मिसाल पेश करती हुई, फील्ड पर काम करने के लिए बेचैन है। कहानी उस समय की महिला पुलिस अधिकारी की है जब भारतीय पुलिस सेवा में उंगली पर कुछ गिने चुने ही महिला पुलिस अधिकारी भारतीय पुलिस सेवा में सेवारत थीं, उनमें एक यह भी थीं। कहानी भारतीय पुलिस सेवा की प्रथम महिला पुलिस अधिकारी किरण बेदी से प्रेरित बिहार की प्रथम महिला पुलिस अधिकारी (संयुक्त रुप से पांचवी भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी ) *मंज़री जारूहार कि है...

श्रीमद् भगवद्गीता के अनुसार वास्तविक त्याग

ईश्वर के प्रति अपने जीवन का आत्मोत्सर्ग : वास्तविक त्याग वास्तविक त्याग क्या है ? 18 अध्यायों एवं 700 श्लोकों में विभक्त श्रीमद् भगवद्गीता में भगवान श्री कृष्ण द्वारा जीवन को सही एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से जीने एवं वास्तविक त्याग करने की शिक्षा दी गई है। यहां वास्तविक त्याग का तात्पर्य है, न सिर्फ भौतिक संसाधनों का लोक हित एवं समाज हित में परित्याग कर देना अपितु अपने जीवन की विभिन्न प्रकार के उपलब्धियां को भी ईश्वर के नाम का अनुसरण करते हुए समाज एवं लोकगीत हेतु उन्हें उत्सर्ग कर देना है। कलयुग के इस काल में जब चारों तरफ तामसिक प्रवृत्तियों का बोलबाला है इस अवधि में ‘श्रीकृष्ण’ नाम का संकीर्तन ही हमें मानवता के प्रतिष्ठान एवं मोक्ष प्राप्ति हेतु पथ प्रदर्शित कर सकता है।  श्रीमद् भगवद्गीता : जीवन प्रबंधन का विज्ञान ‘गीता’ सिर्फ धार्मिक ग्रंथ नहीं अपितु यह जीवन जीने एवं जीवन को प्रबंधित करने का विज्ञान है, गीता के विभिन्न श्लोक में यह स्पष्ट किया गया है की भगवद गीता में त्याग का अर्थ एक गहरे और अध्यात्मिक दृष्टिकोण से दिया गया है। वर्तमान समय में करियर की चिंता का संपूर्ण स...