बिहार की पहली महिला IPS मंजरी जारूहार की कहानी : मैडम सर

कहानी ऐतिहासिक विरासत से परिपूर्ण तथा वर्तमान में पिछड़े राज्य का तमगा धारण किये बिहार के प्रथम भारतीय पुलिस सेवा(IPS) महिला अधिकारी की, कहानी उसके जीवन संघर्षों की, कहानी वैवाहिक जीवन में प्रताड़ना का दंश झेल चुकी एक स्त्री की ,कहानी एक मासूम -सी लड़की से अपनी कर्तव्यों के प्रति कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासनप्रिय नियमों और निर्णयों के प्रति सख्त एवं कार्यक्षेत्र में अपने काम के प्रति संवेदनशील महिला पुलिस अधिकारी की ; जो अपने समकक्षों में *मैडम सर* के नाम से पहचान पाती है । कहानी अपने स्थायित्व को पाने के लिए संघर्ष करती हुई महिला पुलिस अधिकारी की जो अपनी क्षमताओं एवं नेतृत्व शक्ति की मिसाल पेश करती हुई, फील्ड पर काम करने के लिए बेचैन है। कहानी उस समय की महिला पुलिस अधिकारी की है जब भारतीय पुलिस सेवा में उंगली पर कुछ गिने चुने ही महिला पुलिस अधिकारी भारतीय पुलिस सेवा में सेवारत थीं, उनमें एक यह भी थीं। कहानी भारतीय पुलिस सेवा की प्रथम महिला पुलिस अधिकारी किरण बेदी से प्रेरित बिहार की प्रथम महिला पुलिस अधिकारी (संयुक्त रुप से पांचवी भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी ) *मंज़री जारूहार कि है जिन्होंने अपनी जीवन यात्रा को 'मैडम सर'* *पुस्तक में पूरी संजीदगी से उतारा है* । प्रस्तुत पुस्तक में डरी सहमी- सी रहने वाली लड़की को जीवन की एक घटना ने कैसे दृढ़ संकल्पित निडर ,साहसिक अनुशासनप्रिय एवं संवेदनशील भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित किया ,का मार्मिक वर्णन है। हालांकि यह यात्रा आसान नहीं रही परत- दर उनके (अपने )जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराती यह पुस्तक पुरुष सत्तात्मक समाज में स्त्री जीवन के संघर्षों की कड़वी सच्चाई से भी रूबरु कराती है तो स्त्रियों के वीभत्स रूप को भी सामने लाती है फिर वह चाहे पारिवारिक जीवन में हुआ अनुभव हो या कार्यस्थल पर मामलों के जांच पड़ताल में पाई गई झूठे शिकायतों एवं आरोप का पर्दाफाश हो। पुस्तक में तत्कालीन समय की भारत देश एवं बिहार राज्य के राजनीतिक परिवेश का जिक्र भी आता है जिसमें से किस प्रकार बिहार में 80 एवं 90 के दशक में राजनीतिक परिवर्तन हो रहे थे और पिछड़े वर्ग के पृष्ठभूमि से चलकर भारतीय राजनीति पर अद्भुत छाप छोड़ने वाले लालू प्रसाद यादव का करिश्माई व्यक्तित्व एवं नेतृत्व से बिहार प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा था लेकिन साथ ही साथ कई खामियां भी थी जो उन्हें उनके प्रयासों को पीछे भी धकेल रही थी साथ ही साथ आदिवासी राज्य झारखंड के बनने एवं वहां पर पुलिस सुधार को नए सिरे से लागू करने में योगदानों का भी तल्लीनता से जिक्र आता है । इसमें भारतीय पुलिस अकादमी हैदराबाद के प्रशिक्षण से जुड़े अनुभवों का भी जिक्र आता है जिसमें किस प्रकार से वह भारतीय सिविल सेवा पास कर आई लड़कियों को अपने कार्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए, पूरे कर्तव्यनिष्ठा से प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित करती हैं तो वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल( CISF) में जब वह महानिरीक्षक बनकर आती हैं तो किस प्रकार से आमूल-चूल परिवर्तन करके उसकी काया पलट कर देती हैं इसका भी पूरी बेबाकी से बयान है । इसमें स्त्री पक्ष को भी देख सकते हैं कि संवेदनशीलता एवं करुणा जैसे भाव पुलिस को कमजोर नहीं अपितु जागरुक एवं समाज के प्रति जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित करती है। पुस्तक की लेखिका एवं नायिका एक तरफ जहां वह अपने पेशेगत जिम्मेदारियों को पूरे संजीदगी से निभाती हैं तो दूसरी तरफ वह एक स्त्री के ममत्व ,प्रेम, वात्सल्य एवं स्नेह को धारण करते हुए अपने पारिवारिक जीवन के अनुभवों को भी संवेदनशील तरीके से निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं । भारतीय पुलिस सेवा का सपना देखने वाली हर वह लड़की को यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए जो अपने जीवन संघर्ष को कारण मानते हुए अपने मार्ग से पीछे हट जाना चाहती हैं या तनाव महसूस करती हैं या वे जीवन के संघर्षों से ऊब कर (गिव-अप कर देना चाहती हैं ) छोड़ देना चाहती हैं । यह पुस्तक उस महिला अधिकारी को भी अवश्य पढ़नी चाहिए जो अपनी कार्यस्थल पर आई चुनौतियों का सामना करने में कठिनाई महसूस करती हों, या पारिवारिक जीवन एवं पेशेगत जीवन में अंतर्द्वंद महसूस करती हों। यह उन्हें प्रेरित भी करेगी और प्रोत्साहित भी! पुस्तक पढ़ते पढ़ते आपकी आंखें नम भी हो जाएंगी और शरीर में ऊर्जा का एक अद्भुत संचार भी होगा। आप एक महिला पुलिस अधिकारी के जीवन को करीब से देखते जाएंगे एवं उनके जीवन के छोटे-छोटे पहलुओं को बड़े कैनवास में देखने का, उन्हें स्वयं के जीवन से जोड़ने का एवं आत्मसात करने के लिए प्रेरित होंगे। मैं अपने निजी अनुभव से बताऊं तो इस पुस्तक को पढ़ते हुए एक वर्दीधारी महिला पुलिस अधिकारी का चित्र मेरे आंखों के सामने सचित्र हो जाता है और आंखें सजल हो जाती हैं उस पल को महसूस करने एवं देखने के लिए, उस महिला अधिकारी को सैल्यूट करने के लिए जो हमारे बीच ही है जिसकी संघर्ष से सफलता तक की यात्रा अभी जारी है।
#IPSManjarijaruhar👮‍♀️
#bihar#upsc
#brijlalarohan
🏅🇮🇳
#अलमीरा__से__
___झांकती__किताब📜

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