प्रख्यात गणितज्ञ डॉ.केसी.सिन्हा की हार क्या सिर्फ व्यक्तिगत हार है या इससे परे भी बहुत कुछ है,चूंकि चिंतन से ही एक बेहतर चुनाव का मार्ग प्रशस्त होता है!
बिहार की राजनीति ने बिहार सहित देश के कई ऐसे हस्तियों को शून्य से शिखर तक , फर्श से अर्श तक के सफर को पूरा कराया है। लेकिन कई ऐसे दिग्गज भी रहे जो राजनीतिक समीकरण के भंवर में फंसकर उपेक्षित रह गए। ऐसा ही एक नाम है जाना माना गणितज्ञ, शिक्षक एवं समाजसेवी डॉ. केसी सिन्हा का, जो बिहार सहित हिंदी पट्टी के छात्रों के गणितीय समीकरण को सरल एवं सुबोध भाषा में सुलझा दिए लेकिन स्वयं राजनीतिक समीकरण को हल न कर पाए या यू कहें कि जनता ने उन्हें ऐसा करने न दिया। एक ऐसा नाम जो एक निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से चलकर शिक्षा में एक अलग मुकाम हासिल करता है जो स्कूली सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के बच्चों के लिए सरल एवं सुबोध भाषा में पुस्तक लिखकर उपलब्ध करवाता है। जो छात्र जीवन में गोल्ड मेडलिस्ट दर्जे का मेधावी रहा, गणित का प्रख्यात प्रोफेसर भी है और साथ ही समाज सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय ! लेकिन वे बिहार विधानसभा के चुनाव हार गए, निश्चित रूप से जब इस तरह से पढ़ा लिखा व्यक्ति चुनाव हारता है तो अंदर से दुख तो होता ही है, साथ ही ये विडंबना ही है की आपराधिक किस्म का व्यक्ति जेल से ही चुनाव जीत जा...