आसान नहीं था यहां तक का सफ़र

आसान नहीं था यहां तक का सफ़र_
पीछे मुड़कर जब मैं अपनी जीवन यात्रा के पृष्ठों को पलट कर देखता हूं तो कुछ वक्त के लिए यकीन हो पाना मुश्किल हो जाता है कि हमने जीवन में तमाम- उतार चढ़ाव से भर सफ़र को पूरा किया है। जिसमें हमने देखा है अपने से अपनों को गैर होते जाना और जिनसे हमारा खून का कोई रिश्ता भले ही ना हो लेकिन फिर भी अपनत्व एवं प्रेम का ऐसा रिश्ता पनपकर प्रगाढ़ हो जाता है जिसे शब्दों में वर्णित करना संभव नहीं है। 
गांव के सरकारी विद्यालय से पढ़कर बनारस के प्रतिष्ठित काशी हिंदू विश्वविद्यालय(BHU) से संबद्ध 'सेंट्रल हिंदू बॉयज स्कूल' से लेकर आज दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज तक का सफर तमाम उतार-चढ़ावों से भरा रहा है जिसमें पग पग पर कई लोग मिले जिनमें से कुछ ने कांटों में धकेल कर दुनिया की वास्तविकता से परिचय करवाया तो कुछ ने उनमें अपनी उपस्थिति से संभल-संभल कर चलना सिखाया और गिरने पर संबल भी दिया। 
आज जितने भी कुछ अल्पावधि जीवन में अपने गांव -प्रखंड -जिला एवं राज्य स्तर तक अपनी उपस्थिति दर्ज करवाया हूं, उसमें जीवन के विविध रंग शामिल हैं। 
 तरंग क्विज 2017-18 में सफलतापूर्वक परचम लहराने से सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्तर पर बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए पार्लियामेंट में स्पीच हो , अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी ओलंपियाड में दूसरा स्थान हो , एपीजे अब्दुल कलाम अंतर्राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2023, कलाम यूथ लीडरशिप अवार्ड 2024 हो या राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए दो बार (2022,2023) स्क्रीनिंग होने के बाद भी अंतिम रूप से चयन न हो पाने का मलाल हो या क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफलतापूर्वक स्थान अर्जित करने का हो।
 यह सफर अनवरत रूप से विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय तक जारी है । 
आज आप लोगों के आशीर्वाद से विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर चाहे वह कॉमनवेल्थ अंतरराष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में स्वर्ण पुरस्कार साहित्य अकादेमी ,आकाशवाणी या दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालय में आयोजित होने वाले स्वरचित काव्य, निबंध, भाषण एवं प्रश्नोत्तरी सहित विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं हों या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली(IIT DELHI )में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हो या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान( IIT PATNA) पटना में विकसित भारत पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने का सुअवसर प्राप्त हुआ हो या की नेशनल यूथ फेस्टिवल( NYF) दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश राज्य के अंतर्गत राज्य स्तर पर वक्तृत्व प्रतियोगिता में तृतीय स्थान हो या कि विभिन्न हिंदी साहित्य के अंतर्गत प्रतिष्ठित पत्रिकाओं चाहे वह दिल्ली विश्वविद्यालय हिंदी साहित्य परिषद की वाग्मिता या प्रश्नचिन्ह हो‌ या साहित्य अकादेमी, गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति की पत्रिका 'अंतिम जन' में भी अपनी कविताएं छप चुकी हैं। बनारस साहित्य उत्सव, बिहार म्यूजियम माइंडफेस्ट क्रिएटिव राइटिंग में द्वितीय पुरस्कार, बिहार छात्र संसद सहित ना जाने छोटे-बड़े कई उपलब्धियां को इस छोटे से लेख में शामिल कर गिना पाना संभव नहीं है ।।
सब आप सभी के सहयोग एवं साथ से ही संभव हो पाया है और मैं उन लोगों का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने कांटे बोये क्योंकि इसके माध्यम से हमने संभल संभल कर चलना सीखा । 
 वर्ष 2022 में ही मैंने अपनी पहली काव्य पुस्तक भी स्टोरी मिरर प्रकाशन से प्रकाशित की "मेरी आवाज़ :मेरे अल्फ़ाज़ से" हालांकि यह अल्प अनुभव एवं व्याकरणिक नियमों से शिल्प में तो कमजोर जरूर है लेकिन एक लड़के के प्रयास को आप इसमें जरूर देखेंगे जो स्वयं के साथ परिस्थितिगत अनुभव, पर्यावरण, प्रकृति समाज, नारी शक्ति आदि आदि विभिन्न बिंदुओं पर सोचता है , चिंतन करता है और उसे अपनी लिखने के माध्यम से शब्दबद्ध करता है।
आज थोड़ी बहुत जो भी अर्जित की है उसमें हमारी परिस्थिति का एवं उन-चंद लोगों की उपस्थिति का ही सुफल है जीवन भर इस ऋण से तो ऊऋण नहीं हो पाऊंगा, लेकिन सदैव अपने अंतःकरण उन्हें बिसर नहीं पाऊंगा।। 
अभी तो महज़ सफ़र की शुरुआत है, आगे यूं ही आप लोग अपना स्नेह एवं सानिध्य बरकरार रखिए ...
सदैव से ही रचनात्मक कार्य करने एवं समाज सेवा के प्रति जुनून ने सरस्वती बाल निकेतन संस्था की नींव डालने में अहम योगदान दी जिसमें कुछ साथी मित्रों के संग हमने एक पहल की है जिसमें ग्रामीण पृष्ठभूमि में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की वार्षिक प्रतियोगिताएं करवाकरके उन्हें प्रोत्साहित करने का सफल प्रयास भी करते हैं।
 
मिलते हैं आपसे जल्द ही जाते-जाते आज की एक अंतिम बात कहानी मेरी किसी रहस्यमयी उपन्यास, रोचक कहानी से भी जटिल है अगर सुनेंगे और महसूस करेंगे करीब से,तो पैरों तले जमीन खिसक जाएगी ।
उन सब चीजें को यात्रा के किसी खास पड़ाव पर जरूर आप सभी से साझा करेंगे फिलहाल के लिए इतना ही शुक्रिया।।।
 पुनः एक बार उन सभी गुरुजन- परिजन एवं साथी मित्रगण सहित सभी अग्रज-अनुज साथियों को प्रेम पूर्वक नमस्कार।।।
#मेरीकहानी
#आसान_नहीं__था__सफर
#brijlalarohan
🌻😊

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