चूंकि कर्म ही इबादत है 🌚✨


अभी हाल ही फिलहाल में चैंपियन्स ट्रॉफी के एक मैच के दौरान भारत के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी की गेंदबाजी के दौरान क्षेत्ररक्षण करते हुए जूस पीते हुए फोटो वायरल हुई तो कुछ संकीर्ण मानसिकता वाले मौलानाओं ने इस तस्वीर को और मोहम्मद शमी के जूस पीते को इस्लाम के विरुद्ध करार दिया कि रमज़ान के महीने में रोज़ा नहीं करके यह सरासर शरियत का अपमान है। इसकी भी कई व्याख्याएं आई कुछ लोगों ने मोहम्मद शमी का साथ दिया तो कुछ लोगों ने उन मौलानाओं को सही ठहराया !
अब ऐसे में उन निपट मूर्खों से पूछना चाहता हूं क्या अपनी मातृभूमि के लिए अपना कर्तव्य निभाना, अल्लाह के लिए हराम और अनुचित हो सकता है।
 अल्लाह भी क्या चाहेगा कि हमारा इबादत करने वाला अपना कर्तव्य निभाते निभाते मुझे एक बार याद कर ले, इससे बड़ा क्या होगा ? तो उन रूढ़िवादी मौलानाओं से गुजारिश है कि यह भारत की भूमि है यहां शरियत का नहीं इंसानियत का कानून चलता है जिसमें कर्तव्य प्रमुख है और कर्तव्य निभाने के लिए मोहम्मद शमी आज भी भारत भूमि पर मर मिटेंगे।।
मिस्टर आईसीसी मोहम्मद शमी को शत-शत नमन

अपनी कविता के कुछ पंक्तियों से अपनी बात को पूरा करना चाहूंगा ~
की 
सृष्टि के निर्माण का आधार है कर्म , सृजन का सुंदर विचार है कर्म
कर्म ही पूजा है ,कर्म ही धर्म
~अन्वेषी
#MohammedShami🇮🇳🙏
तस्वीर साभार संकलित 
#BCCI#ICC#STARSPORTS

Comments

Popular posts from this blog

यूजीसी के प्रावधानों पर सुप्रीम कोर्ट का रोक: क्या है आगे की राह ( सांस्थानिक हत्या से समता तक)

कहां चूके तेजस्वी, कहां लुढ़के प्रशांत, दस हजारी नीतीश के आगे सभी दिखे आक्रांत

छठ महापर्व : विधि से विधान तक, आस्था से अनुष्ठान तक