अहमदाबाद विमान दुर्घटना के अहम सवाल

जब कोई भी दुर्घटना या त्रुटि होती है तो उसके बाद जो सबसे पहली चीज है वह जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए लेकिन अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद से ही मुख्य धारा की मीडिया के तमाम चैनल विमान दुर्घटना को रहस्यमयी और ज्योतिष तरीकों से प्रस्तुत करके उसे एक नई दिशा दे रहा है जो बिल्कुल अवैज्ञानिक,निराधार है।अब आप देखिए विज्ञान एवं तकनीक के इस युग में भी जब अंधविश्वास के चक्कर में हम इस तरह की व्याख्या करेंगे और वैध प्रश्नों से अलग हटकर एक नए नॉरेटिव को खड़ा करेंगे तो निश्चित रूप से यह गलत चीज है। आमतौर पर जब ऐसी दुर्घटना होती है तब जांच के आदेश दिए जाते हैं या कमेटी गठित की जाती है लेकिन उसके बाद नतीजा वही होता है जो हम सदा से देखते आ रहे हैं यानी फिर से एक नई दुर्घटना का इंतजार! 
ऐसे में पहली आवश्यकता है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय मंत्री एवं डीजीसीए के जो जिम्मेदार अधिकारीगण हैं वह आकर अपना पक्ष रखें या विमान दुर्घटना से संबंधित चीजों को प्रमाणित तौर पर लोगों के सामने स्पष्ट करें इससे न सिर्फ उनकी जवाबदेही सुनिश्चित होगी अपितु यात्रियों में एक विश्वास भी पैदा होगा। निश्चित रूप से अब उन मूल्यवान जिंदगियों को तो वापस नहीं लाया जा सकता है लेकिन जवाबदेही सुनिश्चित करके उनमें विश्वास भरकर कुछ हद तक जरूर उन्हें साहस एवं सांत्वना दी जा सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो विमान में एक ब्लैक बॉक्स होता है जो की नारंगी रंग का होता है वह भीषण से भीषण दुर्घटना में भी सुरक्षित रहता है और उसी के माध्यम से इस चीज की जानकारी मालूम होती है कि आखिर प्लेन में क्या गड़बड़ी हुई या उसके क्रैश होने का मूल कारण क्या था और इसके बाद उसे वापस निकाल करके इस चीज को सुनिश्चित की जाती है( जो कि अब प्राप्त हो चुकी है)।अब आगे देखना यह है कि इसे सार्वजनिक करने में कितना समय लगता है । आपको बता दें कि अभी डीजीसीए में 53% से अधिक पद खाली हैं (जो की हाल में ही सांसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट से सामने आई है )अब आप ही बताइए जब ऐसी दुर्घटना ही होती है तब जाकर हमारे पास ऐसी सूचनाएं आती है तो निश्चित रूप से जब डिमांड एवं सप्लाई में गड़बड़ी आएगी तो इस तरह की आशंकाएं और बढ़ जाती है? (ये खुद पूर्व नागरिक उड्डयन विमानन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी स्वीकार कर चुके हैं कि यात्रियों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है)बहरहाल दोनों तरफ़ के नैरेटिव से परे हटकर अभी वैध प्रश्न यही है कि विमान दुर्घटना के मूल कारणों एवं संभावित परिणामों पर जवाबदेही सुनिश्चित हो एवं भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं के प्रति सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कर रिक्त पदों की जल्द भरा जाये! हमारे लिए मौतों की संख्या महज़ आंकड़ा हो सकती है मगर ये अमूल्य जिंदगियां थीं जिसे संतप्त परिवार ही महसूस कर सकता है।
और वर्तमान भारतीय मीडिया के बारे में क्या बोलूं....
 अंत में बस इतना ही कि सबको सन्मति दें भगवान।।
#AhmedabadPlaneCrash ✈️😭

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