कुत्ते और इंसान के मामले : सिलेक्टिव अप्रोच और कोर्ट

"कोर्ट में कुत्तों के मामले को इंसानों ने लड़कर इंसान की तरह सलटा दिया!
जबकि इंसानी समाज और हमारे न्याय व्यवस्था की विडंबना देखिए कि इंसानों के मामले कुत्ते की तरह बरसों से कोर्ट में चलते रहते हैं.. इंसान कुत्ते की तरह भौं-भौं करके लड़ते रहते हैं.. मगर नतीजा वही रहता है भौंकना.. गुर्राना .. और इस प्रक्रिया की पुनरावृति के लिए सुस्ताना"!!

आप सभी को ब्रेकिंग न्यूज़ तो पता ही होगा की किस प्रकार से माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अमानवीय तरीके से सभी कुत्तों को आश्रय गृहों में भेजने के जो आदेश दिए था जिस पर तथाकथित डॉग लवर्स युथ, नेता, प्रवक्ता गण और विभिन्न नागरिक समूहों ने इसे अमानवीय बताते हुए आपत्ति जताई थी लेकिन पुनः सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश को वापस लेकर उनका बंध्याकरण एवं टीकाकरण कर उन्हें उन क्षेत्रों में छोड़ने हेतु आदेश दिए हैं । (कुछ संदिग्ध कुत्तों को छोड़कर जिन पर काटने का और रेबीज फैलने काखतरा हो) इसके साथ ही एक निश्चित क्षेत्र में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने संबंधी निर्देश भी दिए गए हैं।
मुझे लगता है इसके साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेकर शहरों में आवारा छोड़े गए गाय एवं अन्य पशु संबंधी निर्देश भी देने चाहिए। जिस प्रकार से हम देखते हैं कि शहरों में गायें, बछड़े एवं अन्य पशुओं को आवारा छोड़ दिया जाता है जिससे यातायात भी प्रभावित होता है और उन पशुओं का जीवन भी खतरे में पहुंचता है जिस प्रकार से वह प्लास्टिक एवं अन हानिकारक चीजों को खाती हैं! जो भी लोग लापरवाह तरीके से जिन गायों एवं अन्य पशुओं को छोड़ देते हैं उन पर भी उचित कानूनी कार्रवाई हो या तो उन आवारा पशुओं को गौशालाओं छोड़े जाएं जहां पर वे उचित रखरखाव में रह सकें या तो सरकार इसके लिए खुद प्रबंध करें।
 केंद्र की सरकार जो गौ भक्त बनने का दावा करती है आखिर इन मामलों पर चुप क्यों हो जाती है? सरकार की भी जवाबदेहीसुनिश्चित होनी चाहिए। विपक्ष सहित जो लोग भी तथाकथित एनिमल लवर्स बनने का ढोंग करते हैं उनको भी इस पर ध्यान देना चाहिए उन्हें अपने एनिमल प्रेम एंड करुणा को सिलेक्टिव जीव जंतुओं तक सीमित नहीं रखनी चाहिए।
भारतीय संविधान के मौलिक कर्तव्यों के साथ नीति निर्देशक तत्व में भी पशुओं के साथ करुणा से बर्ताव करने संबंधी निर्देश दिए गए हैं इनका पालन किया जाना सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट का प्रमुख कर्तव्य है। और एक मनुष्य के रूप में हमारा नैतिक कर्तव्य भी।।

#animallover

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